प्रकृति का उपहार: इस पत्ते में खून की कमी के इलाज की क्षमता है

क्या करी पत्ते हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाते हैं? आइए जानें एनीमिया के लिए करी पत्ते के फायदों के बारे में।

जड़ी-बूटी का काम करने वाले करी पत्ते को आमतौर पर मीठी नीम के नाम से जाना जाता है। यह कई विकारों के इलाज में मदद करता है। हमारे किचन में हम इसे मसाले के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इसके सेवन से बीमार पड़ने की संभावना कम हो जाती है। आइए देखें कि करी पत्ता एनीमिया के लिए कैसे फायदेमंद है।

करी पत्ते के फायदे:

1. एनीमिया का इलाज

करी पत्ते का सेवन करने से एनीमिया की समस्या दूर हो जाती है। इसमें एंटी-एनीमिया गुण होने के साथ ही इसमें उच्च मात्रा में कैल्शियम, आयरन और जिंक भी पाया जाता है, जो एनीमिया से लड़ने में मदद करता है।

2. त्वचा पर पीलापन आना

करी पत्ता त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। त्वचा के पीलेपन जैसी समस्याओं के लिए करी पत्ता फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व आपकी त्वचा पर तेल की मात्रा को कम करते हैं और इसे पिंपल फ्री बनाते हैं।

3. आयरन की कमी

पत्तियों में मौजूद फोलिक एसिड आपके शरीर में आयरन को पहले से बेहतर तरीके से प्रोसेस करने में मदद करता है। इसलिए, यदि आप अपने शरीर में आयरन के स्तर में सुधार करना चाहते हैं, तो आपको नियमित रूप से ढेर सारे करी पत्ते खाने होंगे।

4. अल्सर की समस्या

मुंह के छालों के लिए भी करी पत्ते का इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको करी पत्ते के पाउडर को शहद के साथ मिलाकर मुंह के छालों पर लगाना है। 2-3 दिनों में आपको इस तरह की समस्या से निजात मिल जाएगी।

Leave a Comment