Strong earthquake shocks in Delhi : देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में भूकंप के जोरदार झटके

Strong earthquake shocks in Delhi : देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों में भूकंप के जोरदार झटके

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके अगर हम बात करें उत्तर प्रदेश की उत्तराखंड की कई शहरों में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए

पिछले करीब एक डेढ़ घंटे में भूकंप का केंद्र पश्चिम नेपाल के कांड में था अगर इसकी तीव्रता की बात की जाए तो रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.02 था।

इस भूकंप के बाद दो और झटके आए यानी एक 6.02 का भूकंप और उसके बाद आफ्टर शॉप्स जिसकी अगर बात की जाए तो जो पहले आफ्टर शौक था वह 3.6 और दूसरा 3.8 रिकेट्स के पर इसकी तीव्रता थी इससे पहले भी 2:00 pm के आसपास भूकंप का एक हल्का झटका महसूस किया गया था।

नेपाल के कांड के ही आसपास 2:25 pm पर पहले भूकंप की अगर हम तीव्रता की बात करें तो रिक्टर स्केल पर उसे 4.6 उसकी तीव्रता आणि गई थी फिर 16 मिनट बाद दूसरा जोरदार झटका आया और यह बड़ा झटका था इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.2 आती गई है और इस जोरदार भूकंप के झटका के बाद एक के बाद एक दो और आफ्टर शौक से यानी कुल मिलाकर आज नेपाल के पश्चिमी नेपाल के कांड इलाके के आसपास भूकंप के चार झटके महसूस किए गए हैं और इसका असर लगभग 300 किलोमीटर के इलाके में महसूस किया गया।

10 मार्च, 2023 को सुबह 11:20 बजे दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में था।

भूकंप के झटके दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, मेरठ, फरीदाबाद, और अन्य उत्तर भारत के शहरों में महसूस किए गए। भूकंप के झटके के कारण कुछ इमारतों में दरारें आ गईं, लेकिन कोई बड़ी क्षति नहीं हुई।

भूकंप के झटके के बाद, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भूकंप के और झटके आने की चेतावनी जारी की थी। हालांकि, कोई और झटका नहीं आया।

भूकंप के झटके के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

यह भारत में 2023 में आया पहला बड़ा भूकंप है। इससे पहले, 21 मार्च, 2023 को उत्तर भारत के कई राज्यों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.6 मापी गई थी।

भूकंप के झटके के बाद की स्थिति

भूकंप के झटके के बाद, दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित जगहों पर चले गए।

भूकंप के झटके के कारण कुछ इमारतों में दरारें आ गईं। हालांकि, कोई बड़ी क्षति नहीं हुई।

भूकंप के झटके के बाद, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में भूकंप के और झटके आने की चेतावनी जारी की थी। हालांकि, कोई और झटका नहीं आया।

भूकंप के झटके के बाद की कार्रवाई

भूकंप के झटके के बाद, दिल्ली सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए एक विशेष टीम तैनात की। टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों की मदद की।

भारत सरकार ने भी भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास के उपाय किए।

भूकंप के कारण

भारत एक भूकंपीय गतिविधि वाला क्षेत्र है। भारत में भूकंप के कई कारण होते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • प्लेट टेक्टॉनिक्स: भारत एक प्लेट टेक्टोनिक क्षेत्र में स्थित है। प्लेट टेक्टॉनिक्स के कारण, पृथ्वी की पपड़ी टूट जाती है और भूकंप आते हैं।
  • ज्वालामुखी: भारत में कई सक्रिय ज्वालामुखी हैं। ज्वालामुखी विस्फोट के कारण भी भूकंप आ सकते हैं।
  • भूस्खलन: भारत में कई पहाड़ी क्षेत्र हैं। भूस्खलन के कारण भी भूकंप आ सकते हैं।

भूकंप से बचाव

भूकंप से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

  • भूकंप के बारे में जागरूक रहें। भूकंप के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में जान लें।
  • अपने घर को भूकंप के अनुकूल बनाएं। अपने घर को मजबूत करें और उसे भूकंप के झटकों से बचाने के लिए उपाय करें।
  • एक आपातकालीन योजना बनाएं। एक आपातकालीन योजना बनाएं कि भूकंप की स्थिति में आपको क्या करना है।

भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिससे बचा नहीं जा सकता है। हालांकि, भूकंप से बचाव के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। इन उपायों को अपनाकर आप भूकंप के समय खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

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