K. Annamalai आखिर कौन है बीजेपी का लोकसभा चुनाव की तैयारी

K. Annamalai आखिर कौन है बीजेपी का लोकसभा चुनाव की तैयारी

  • जन्मतिथि 4 जून 1984 (सोमवार)
  • आयु (2023 तक) 39 वर्ष
  • जन्मस्थान करूर, तमिलनाडु
  • राशि चक्र मिथुन
  • राष्ट्रीयता भारतीय
  • गृहनगर करूर, तमिलनाडु
  • जाति वेलल्ला Gounder


कॉलेज/विश्वविद्यालय

  • पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर, तमिलनाडु
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ
    शैक्षिक योग्यता • 2007: पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर, तमिलनाडु में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग
  • 2010: पीजीडीएम, भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ से व्यवसाय [2] के अन्नामलाई का लिंक्डइन खाता

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए बिहार और पंजाब में बीजेपी के गठबंधन टूटने के बाद रणनीतिकारों ने अपनी समग्र संख्या बनाए रखने के लिए दक्षिण में एंट्री करने की आवश्यकता महसूस की है दक्षिण भारत में अपनी पकड़ बनाने के लिए पार्टी ने ऑपरेशन दक्षिण विजय को तैयार किया है,

इस मिशन का मूल उद्देश्य उत्तर दक्षिण विभाजन को कम करना और साल 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी करना है इस बार पार्टी का मुख्य लक्ष्य दक्षिण के दोनों को भेजने का है दरअसल पार्टी को भेजने में नाकाम रही है।

सिंघम के टाइटल से बुलाते थे K. Annamalai, 25 में 2019 को पुलिस से इस्तीफा दिया

K. Annamalai 25 में 2019 को पुलिस से इस्तीफा दे दिया बेंगलुरु दक्षिण के डीसीपी थे और लोग उन्हें सिंघम के टाइटल से बुलाते थे यही कारण है कि भाजपा ने तमिलनाडु में साल 2022 में अपना नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया था पार्टी के इस फैसले ने उसे वक्त तमिलनाडु की राजनीति को समझने वाले लोगों को हैरानी में डाल दिया भारतीय जनता पार्टी यह सब जानती है कि अगर दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करनी है तो स्थानीय स्तर पर युवा नेताओं को मौका देना होगा अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु में बेहतर प्रदर्शन करती है तो तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के दक्षिण के सबसे बड़े रणनीतिकार साबित हो जाएंगे।

आखिर कौन है K. Annamalai कैसे बने आईपीएस से प्रदेश अध्यक्ष तमिलनाडु के करूर जिले से आने वाले K. Annamalai

K. Annamalai का जन्म कोई बटुर में एक साधारण कृषि परिवार में हुआ था वह कौन वह जाति के यह जाति आजादी के समय तो लेकिन साल 1975 से पिछड़ी जाति का दर्जा दे दिया गया एक इंटरव्यू में अपनी निजी जिंदगी के बारे में कहा कि उत्तर प्रदेश जाना मेरे लिए एक साथ में जैसा था जहां 5-5 रुपए के लिए किसी की हत्या कर दी जाती थी मैं कैसा जीवन जिऊंगा जहां में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके मैंने आईआईएम इंटरनेशनल कंपनियों में प्लेसमेंट लेने की जगह सिविल सेवा की परीक्षा दी मुझे इस बना था लेकिन कम नंबर आने की वजह से मैं आईपीएस बन गया मैं वर्दी में खुश था हालांकि 25 में 2019 को उन्होंने पुलिस से इस्तीफा दे दिया इस्तीफा के वक्त बेंगलुरु दक्षिण के डीसीपी थे और लोग उन्हें सिंघम के टाइटल से बुलाते थे उन्होंने स्टेपिंग बियोंड खाकी के नाम से किताब भी लिखी है।

25 अगस्त 2020 को K. Annamalai बीजेपी में शामिल हो गए

लगभग 1 साल बाद ही यानी 9 जुलाई 2021 कौन है तमिलनाडु बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया साल 2021 तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव में K. Annamalai भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव भी लड़े थे लेकिन उसे चुनाव में उन्हें हार मिली सीट से चुनाव लड़ने वाले 24300 वोटो से हार गए कैसे बीजेपी के लिए फायदेमंद दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद कुछ खास नहीं कर पाई थी प्रदेश अध्यक्ष होने का पार्टी को फायदा मिल सकता है दरअसल मलाई न सिर्फ तमिलनाडु के लोकल नेता है बल्कि युवा नेताओं में भी शामिल है इससे लोगों के बीच संदेश जाएगा कि बीजेपी समय के साथ चलने वाली पार्टी है यह न सिर्फ स्थानीय लोगों को मौका दे रही है बल्कि युवाओं और शिक्षित लोगों को भी अपनी पार्टी में शामिल कर रही है।

K. Annamalai का वेलल्ला Gounder समुदाय

दरअसल K. Annamalai जिस वेलल्ला Gounder समुदाय से आते हैं उसी में प्राणी स्वामी भी आते हैं प्राणी स्वामी के बड़े नेता भी माने जाते हैं और इस जाट तमिलनाडु में रणनीतिक महत्व भी है तुम्हारी कर बीजेपी को फायदा पहुंचा सकते हैं आप समझते हैं अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में दक्षिण भारत के तमिलनाडु के तेलंगाना आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में लोकसभा की कुल 129 सीट है केंद्र शासित पांडिचेरी में भी एक सीट है दक्षिण भारत में कुल सीटों की संख्या 130 हो जाती है 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने 303 सीट अपने नाम की थी लेकिन दक्षिण भारत के इन 130 सीटों में से बीजेपी को सिर्फ 29 सिम ही मिली थी इसमें कर्नाटक की 25 सिम शामिल है दक्षिण के तीन राज्यों तमिलनाडु केरल और आंध्र प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अपना खाता नहीं खोल पाई थी तमिलनाडु पर ही क्यों है।

जय ललिता के निधन के बाद इन राज्यों में विपक्ष पूरी तरह कमजोर पड़ गई

पार्टी का फोकस दक्षिण की तीन राज्यों की सीमा तमिलनाडु की सीमा से सटी हुई है इन राज्यों में आंध्र प्रदेश कर्नाटक और केरल शामिल है जय ललिता के निधन के बाद इन राज्यों में विपक्ष पूरी तरह कमजोर पड़ गई है बीजेपी को जमाने के लिए यही आसान मौका दिख रहा है तमिलनाडु में अपनी पकड़ना की सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश में नया किधर करना इसके अलावा मजबूत विपक्ष बनाना पड़ेगा जिससे जनता के बीच अपनी जमीन तैयार कर सके नए मुद्दों को जन्म देना और भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है इसके अलावा पार्टी को सभी को साथ लेकर चलना होगा और केंद्र की योजनाओं को जनता तक पहुंच कर जनता में माहौल बनाना होगा।

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